तटस्थता या उदासीनता वक्र विश्लेषण, परिभाषा, महत्व, उपयोग, अवधारणा, अर्थ . . . तटस्थता वक्र एक ऐसा वक्र होता है जो उपभोक्ता को समान संतुष्टि देने वाले विभिन्न वस्तुओं के संयोजनों (bundles) को रेखाचित्र के रूप में दर्शाता है। हम जानते हैं की ये सभी बंडल उपभोक्ता को एक समान संतुष्टि देते हैं अतः वह इनके प्रति उदासीन होता है। अतः इस वक्र को तटस्थता वक्र या उदासीनता वक्र नाम दिया गया है।
MJC MIC ECONOMICS मार्शल द्वारा दी गई अर्थशास्त्र की परिभाषा द. . . | Filo तटस्थता वक्र (Indifference Curve) क्या है? तटस्थता वक्र वह वक्र है जो उपभोक्ता को दो वस्तुओं के ऐसे संयोजन दर्शाता है, जिनसे उसे समान संतोष (utility) प्राप्त होता है। उपभोक्ता संतुलन वह स्थिति है जब उपभोक्ता अपनी आय का उपयोग इस प्रकार करता है कि उसे अधिकतम संतोष प्राप्त हो।
अर्थशास्त्र एसएलएम | उच्च शिक्षा उत्तराखंड | भारत पाठ्यक्रम (PDF 1 MB) सेमेस्टर I पाठ्यक्रम शीर्षक : सूक्ष्म अर्थशास्त्र की आधारभूत बातें इकाई I सूक्ष्म अर्थशास्त्र की परिभाषा, प्रकृति, क्षेत्र और विधियाँ। संतुलन: आंशिक और सामान्य, स्थैतिक और गतिक। इकाई II मांग का सिद्धांत: मांग की उपयोगिता विश्लेषण (कार्डिनल एवं ऑर्डिनल दृष्टिकोण), तटस्थता वक्र विश्लेषण, उपभोक्ता संतुलन, गिफेन वस्तुएँ। मांग की
तटस्थता वक्र को समझाइए तटस्थता वक्र की परिभाषा: तटस्थता वक्र उन बिंदुओं का एक ग्राफिकल प्रतिनिधित्व है जो उपभोक्ता को समान स्तर की संतुष्टि प्रदान करते
तटस्थता वक्र का अर्थ बताइए। इसकी तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। तटस्थता वक्र किसी उपभोक्ता के व्यवहार को दर्शाने वाला वक्र होता है। जिसमें किसी भी बिंदु पर उपभोक्ता को मिलने वाली उपभोग सामग्री से समान स्तर की संतुष्टि प्राप्त होने की सूचना मिलती रहती है। इसलिए इस वक्र को उदासीन वक्र भी कहा जाता है।